Wednesday 3 January 2024

नव प्रभात की नई रश्मियाँ आईं सपने सजाने - डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव

 


नव प्रभात की नई रश्मियाँ आईं सपने सजाने।

नव प्रभात की नई रश्मियाँ,नववर्ष में सपने सजाने।
नव बहार  बन कर आई,सब को अपने गले लगाने।।

सभी पुराने गिले शिकवे,किस्से दिल से दूर भगाने।
वर्ष 2023 सकुशल बीता,प्रभु का आभार जताने।।

दस्तक दे नववर्ष आया,मंगलमय हो ये नव विहान।
नए विश्वास नई ऊर्जा,नए संकल्पों संग भरें उड़ान।।

स्वस्थ सुखी निरोग तन हो,मानव होठों पे मुस्कान।
दया धर्म परोपकार बने,यह सुख समृद्धि की खान।।

मन कर्म वचन से किसी को,दुःख कष्ट ये मत देना।
दीन हीन के कष्ट निवारक,बन कर पीड़ा हर लेना।।

मानव तन में जन्मे जीव,धर्म कर्म मानव के करना।
लक्ष्य यही जीवन के हों,दैत्यों-सा कुकर्म न करना।।

भाई-बहन भार्या बच्चे,सबको शुभ हो नव विहान।
मात-पिता कुल कुनबा,मित्र सम्बन्धी सब विद्वान।।

जीवन सुखी रहे सब का,हों चिरंजीवी आयुष्मान।
उन्नति प्रगति सफलता का,ईश्वर दो नूतन वरदान।।

नववर्ष के स्वागत में हम,सब पलक बिछाए बैठे।
उर में उमंग मन हर्षित है,स्वागत में हम सब बैठे।।

धूम-धाम से खुशी मनाएँ,रहें न क्रोधित और ऐंठे।
करें पार्टी मित्रों संग जाएँ,साथ बड़े भी आएँ बैठें।।

ध्यान रहे हर मर्यादा का,ये शुभदिन मंगलमय हो।
सुख समृद्धि खुशी दे हमको,नववर्ष मंगलमय हो।।

दुःख कष्ट निवारक हो,सब के लिए मंगलमय हो।
नूतन वर्ष मंगलमय हो,ये नूतन वर्ष मंगलमय हो।।

नववर्ष 2024 की मंगलमय हार्दिक शुभकामनाएं।


सर्वाधिकार सुरक्षित ©®

रचयिता :
*डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव*
सेवानिवृत वरिष्ठ प्रवक्ता-पी.बी.कालेज,प्रतापगढ़,उ.प्र.
इंटरनेशनल जवाइंट ट्रेजरर,एलायंस क्लब्स इंटरनेशनल 
जिलाध्यक्ष
ह्यूमन सेफ लाइफ फाउंडेशन,शाखा-प्रतापगढ़,उ.प्र.
राष्ट्रीय अध्यक्ष बौद्धिक प्रकोष्ठ/प्रदेश मुख्य महासचिव उ.प्र.
मानवाधिकार सहायता संघ भारत अंतर्राष्ट्रीय

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