दान - अनीता चमोली "अनू"
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मंदिर मस्जिद गुरूद्वारे मे देते है सब दान।
खंबो पर अपना नाम लिखाकर बन जाते है छोटे भी महान।
लेकिन जो है दिल के बडे उनको है सच्चा ज्ञान।
रोटी कपडा और औषधि से बडा न कोई दान।
पैसे मत दो मंदिर मस्जिद ईश्वर ने दिये दो हाथ।
थोडा समय का दान मिलाकर करो नयी शुरुआत।
गरीब बच्चों को पढा लिखा कर उनका जीवन सवांर दो।
गरीब बिटियो की शादी मे पहुंच कर आशीर्वाद और प्यार दो।
वन्य जीवों पर दया करो तुम उनको जीवन दान दो।
धरती को रखो हरा भरा अर प्रकृति को सौन्दर्य दान दो।
दान नही जो धन से होता लूट उसकी हो जाती है।
चोर लूटेरे भरे पडे है हकदार को कब रोटी मिल पाती है।
नही मुझे सम्मान की लालसा नही मेरा कोई नाम हो।
इतनी सी है इच्छा मेरी इन हाथो से कर्म सारे मेरे निष्काम हो।
अनीता चमोली "अनू"
उत्तराखंड
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