Wednesday 3 January 2024

चैत नवरात्रि - अनन्तराम चौबे अनन्त

 

राष्ट्रीय हिन्दी साहित्य मंच हमारी वाणी की साप्ताहिक प्रतियोगिता हेतु
विषय... चैत नवरात्रि

नाम.. अनन्तराम चौबे अनन्त जबलपुर म प्र
कविता... चैत नवरात्रि

नव वर्ष विक्रम संवत आया
नव वर्षाभिनन्दन करते हैं ।
नव दुर्गा जागरण शुरू हुआ
नमन वंदन प्रणाम करते हैं ।

नव वर्ष का हुआ आगमन 
खुशियां भी नई नई लायेगा ।
उमंग और खुशियों से भरा 
हम सबके मन को भाएगा 

अपनी संस्कृति पर हमें गर्व है ।
फिर आया हमारा नव वर्ष है ।
चैत शुक्ल पक्ष जो आया है 
चैत का ये महीना  आया है ।

भारतीय विक्रम संवत
2080 वां नववर्ष आया है ।
सारा सच भारतीय संस्कृति 
का नया साल  फ़िर आया है ।

नई फसल का हुआ आगमन  ।
हर किसान का मन हर्षाया है ।
नई फसलों को देख देखकर
मन खुशियों से भर आया है ।

सारा सच गेहूं चना मटर मसूर
तेवड़ा और अरहर आई है ।
नई फसलों के आगमन से
अनाज से भरा भंडारन है ।

सारा सच खेतों खलियानों में
फसलों का अंबार लगा है ।
नववर्ष का हुआ आगमन
महीना चैत का आ गया है ।

आगमन नए वर्ष  का है
स्वागत वंदन हम करते हैं ।
नए  वर्ष की खुशियों को
खुशियों के साथ मनाते हैं ।

नव दुर्गा जागरण शुरू हुआ
चैत नवरात्रि भी शुरू हुई है ।
मैया के दरबार सजे हुए है
द्वारों में वंदन बारे लगे हुए है ।

कृपा करो सब भक्तो पर
कष्ट हरण सबके करना ।
दिन दुखियों के दुख हर लेना
दया बनाए सब पर रखना ।

जय हो मैया के दरबार की
जय हो माता रानी की जय ।

 अनन्तराम चौबे अनन्त
  जबलपुर म प्र

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