देशभक्ति कविता - कंचनमाला ’अमर’ (उर्मी)
शीर्षक_ये झंडा है प्यारा न्यारा
ये झंडा है प्यारा न्यारा
इसपर हमने दिल वारा है,
ये मातृभूमि आबाद रहे
जन जन ने यही पुकारा है।
तिरंगा का अभिमान हमें
भारत की है ये शान कहें
ये आसमान में लहराए ,
जन जन को पुलकित कर जाए।
केसरिया रंग उन वीरों का
बलिदान किए जो निज जीवन का,
श्वेत रंग देता संदेश
है सत्य अहिंसा का यह देश।
हरा रंग खुशहाली का
भारत धरती है उपवन का,
इसकी हरियाली बनी रहे
इक यह संदेश भी झंडा का।
अशोक चक्र भी है इसमें
इसका भी संदेश सुनो,
कहता है चलते रहने को
रुको न कभी गतिशील बनो।
झंडा अपना ये कहता है
कि आगे बढ़ मतभेद भुला ,
तुम सबका है कर्तव्य यही
हर राग द्वेष मनभेद भुला।
स्वरचित व मौलिक
कंचनमाला ’अमर’(उर्मी)


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