Thursday, 15 January 2026

जीवन - महाकवि डां अनन्तराम चौबे अनन्त

#राष्ट्रीय #हिन्दी #साहित्य मंच #हमारीवाणी 
साप्ताहिक प्रतियोगिता हेतु 
विषय ....जीवन 
नाम.. महाकवि डां अनन्तराम चौबे अनन्त जबलपुर मध्यप्रदेश 
#कविता... #जीवन - महाकवि डां अनन्तराम चौबे अनन्त

जीवन और मृत्यु के बीच 
जीवन सरल नही चलता है।
मोह माया के जाल में फंसकर 
सभी  का जीवन चलता है ।

#जिन्दगी मिली है जीने को
खुशियों से हंसकर जीलो।
जीवन मिला है जीने को
जी भरके मिलकर जीलो ।

खुशी और गम आते जाते हैं
पल पल में समय बदलते हैं ।
कल कब ये किसने देखा है
कल जो होगा उससे मिलते हैं ।

जन्म और मृत्यु के बीच में
जीवन सरल नही चलता हैं ।
गम, खुशियां साथ में चलती 
जीवन भी साथ में चलता है ।

माता पिता भाई बहिन से
एक घर परिवार बनता है ।
जिन्दगी की राहें चलने को
इनसे मिलकर ही चलता है ।

माता पिता की शिक्षा पाकर
जीवन की राहें संभलती है ।
बच्चों की खुशियों से माता,
पिता को खुशियां मिलती है ।

हंसी खुशी से जी लो जिन्दगी
हर पल खुशियां मिलती हैं ।
तन मन को भी खुश रखना है
जिन्दगी में खुशियां मिलती हैं ।

जीवन सरल  नही सभी का
जीवन मृत्यु के बीच चलता है ।
हर इंसान यहां पर देखो
भ्रमजाल में भटकता रहता है ।

जन्म और मृत्यु के बीच में 
इंसान जहां पर भटकता है ।
जीवन सुख दुख से होकर
अपना जीवन वो जीता है ।

पति-पत्नी साथ में मिलते
दोनों का मिलना प्यारा है ।
आपस में एक दूजे से कहते
हम दोनों का साथ हमारा है ।

पति पत्नी जीवन साथी है
जीवन के सफर में मिलते हैं।
हम सफर साथी जब बनते हैं
जीवन भर साथ निभाते हैं ।

हमजोली पति पत्नी होते है
जीवन का रिश्ता जुड़ता है ।
जीवन साथी बनकर रहते हैं
कदम कदम पर साथ होता हैं।

माता-पिता का घर छोड़कर
पति संग ससुराल जाती है ।
जीवन साथी बनने का शादी में
पति के साथ वचन निभाती है।

पति के संग सुख दुख में 
अर्धांगिनी बनकर रहती है ।
पत्नी प्रेमिका बनकर भी
तन मन को समर्पित करती है।

जीवन साथी के रिश्तों को
पत्नी बनकर ही निभाती है ।
सुख दुख की हमजोली साथी
जीवन साथी हमसफर होती है।

पति पत्नी जब साथ में रहते
माता-पिता भी बन जाते हैं ।
बच्चों की मोह माया में बंधकर
जीवन की खुशियां पाते हैं ।

जीवन की अंतिम सांसों तक
आपस में साथ निभाते हैं ।
सुख दुख बांटकर रहते हैं
हमजोली जीवन साथी होते हैै ।

जन्म और मृत्यु के बीच में
इंसान यहां पर भटकता है
जीवन की राहों से होकर 
अपना जीवन वो जीता है ।

साथ में कुछ नहीं लाता है
न साथ में कुछ ले जाता है।
खाली हाथ ही आता है
और खाली हाथ ही जाता है ।


 महाकवि अनन्तराम चौबे अनन्त
  जबलपुर म प्र/7798/
     6/1/2026
  लंदन, यू एस ए, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर

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