Monday, 12 January 2026

मुस्कान से शुरू करो नया साल - जौली अंकल

मुस्कान से शुरू करो नया साल - जौली अंकल 

हर नया साल आते ही हम एक-दूसरे को बड़े प्यार से कहते हैं हैप्पी न्यू इयर। मोबाइल पर मैसेज, सोशल मीडिया पर पोस्ट, रंग-बिरंगे स्टेटस सब कुछ पहले से ही तैयार होता है। लेकिन ज़रा रुक कर एक सवाल अपने आप से पूछिए, क्या हम सच में खुश हैं? जिन लोगों को हम यह शुभकामना भेज रहे हैं, क्या वे दिल से खुश हैं? अगर जवाब “शायद” या “नहीं” है, तो फिर केवल औपचारिकता निभाने का क्या अर्थ? हैप्पी न्यू इयर कहने का असली आनंद तब है, जब हमारे चेहरे पर मुस्कान हो, दिल पर कोई बोझ न हो और सामने वाला भी उस खुशी को महसूस कर सके। वरना शब्द तो ऑटो-रिप्लाई की तरह भी भेजे जा सकते हैं, लेकिन भावनाएँ नहीं।

हर नया साल अपने साथ उम्मीदें लेकर आता है। हम छोटे हों या बड़े, अमीर हों या साधारण, लगभग सभी लोग कोई-न-कोई संकल्प ज़रूर लेते है। कुछ लोग कहते है रोज़ व्यायाम करेगे, कुछ समय पर सोने और गुस्सा कम करने का संकल्प लेते है। मगर सच्चाई यह है कि हम में से ज़्यादातर लोग कुछ ही दिनों में अपने रेज़ोल्यूशन को उसी जगह रख देते हैं, जहाँ चुनाव के बाद नेताओं के वादे रखे जाते हैं यानी भूलने की अलमारी में।

इस बार नए साल में क्यों न हम कुछ अलग करें? अब की बार कुछ ऐसा संकल्प लें, जिससे सिर्फ़ हम ही नहीं, हमारा परिवार, पड़ोसी और समाज भी खुश हो जाए। अच्छी बात यह है कि इसके लिए न तो बहुत पैसा चाहिए न ही अतिरिक्त समय। खुशी की शुरुआत बहुत छोटी होती है। हर दिन अपने दिन की शुरुआत एक प्यारी-सी मुस्कान से करें। जो भी मिले चाहे वो अपने घर का कोई सदस्य हो, सब्ज़ी वाला हो या ऑफिस का सहकर्मी उससे थोड़ा हँसकर बात करें। आपको जानकर हैरानी होगी कि आपकी एक मुस्कान आपके साथ सामने वाले का पूरा दिन या यू कहिये की सारा साल ही बदल सकती है।

अपने 72 वर्षों के अनुभव में मैंने एक बात गहराई से महसूस की है कि जिस जीवन में हँसी शामिल हो, उसे जीने का मज़ा ही कुछ और होता है। आज दुनिया के लगभग हर देश और हर शहर में लाफ्टर क्लब्स हैं। इन क्लबों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ खुश रहने की कोई फीस नहीं होती। बस आइए, गहरी साँस लीजिए, ज़ोर से हँसिए और फ्री में खुशियाँ लूट ले जाइए। अगर किसी कारणवश आप लाफ्टर क्लब में नहीं जा सकते, तो भी परेशान होने की ज़रूरत नहीं। आज ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर भी लाफ्टर सेशन उपलब्ध हैं। कुछ ही दिनों में आप खुद महसूस करेंगे कि आपकी सोच, आपका व्यवहार और काम करने का तरीका बदलने लगा है।

दुनिया भर में किए गए शोध बताते हैं कि हँसी तनाव कम करती है, इम्युनिटी बढ़ाती है और अवसाद जैसी बीमारियों को दूर रखने में मदद करती है। अमेरिका हो, जापान हो या भारत हँसी हर भाषा में एक जैसी होती है। यही वजह है कि कहा जाता है, मुस्कान एक ऐसी ख़ामोश भाषा है, जो दिल से दिल तक सीधा पहुँच जाती है। सोचिए, अगर हर इंसान दिन में केवल पाँच मिनट खुलकर हँस ले, तो दुनिया कितनी खूबसूरत हो सकती है। इस नए साल पर हम सब मिलकर एक छोटी-सी मुहिम शुरू कर सकते हैं “औपचारिक नहीं, दिल से हैप्पी न्यू इयर।”

ऐसा नया साल, जहाँ मुस्कान मजबूरी न हो, हँसी दवा बने, और खुशियाँ बाँटकर खुशी मिले। आइए, इस नए साल पर जौली अंकल के साथ मिलकर यह संकल्प लें कि हम पहले खुद खुश रहेंगे, फिर दूसरों को खुशी देंगे। क्योंकि खुशी जब दिल से निकलती है, तभी हैप्पी न्यू इयर सच में हैप्पी बनता है। आप सभी के लिए जौली अंकल की यही शुभकामाए है की आपका नया साल सच में मुस्कान और खुशिओ से भरा हो। अब खुशी के साथ, हँसते-हँसते, खुलकर कहो  “हैप्पी न्यू इयर!”

जौली अंकल 

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