पर्यावरण संरक्षण - डॉ अशोक
ओस की बूंदें,
धरती की मुस्कान हैं—
जीवन का दर्पण।
पवन की सरगम,
स्वच्छ वायु का संदेश—
मन को सहलाए।
सारा सच साप्ताहिक,
जागृति का उजियारा—
सच का प्रहरी।
नदी की धारा,
निर्मलता का संकल्प—
जीवन संवारें।
फूलों की महक,
शांति का पैगाम दे—
हरियाली गाए।
सारा सच साप्ताहिक,
जन-जन की आवाज़ है—
धरती का मित्र।
वृक्षों की छाँव,
आशा की परछाईं—
भविष्य सँवारे।
सुकून का राग,
संरक्षण का संकल्प—
सुखद अहसास।
डॉ ० अशोक, पटना, बिहार
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