Thursday, 9 April 2026

भक्त - डा अनन्तराम चौबे अनन्त

राष्ट्रीय हिन्दी साहित्य मंच हमारीवाणी 
साप्ताहिक प्रतियोगिता हेतु 
विषय भक्त 
नाम महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त जबलपुर मध्यप्रदेश 
कविता ... भक्त

भक्त और भगवान के बीच 
सारा सच भक्ति भावना आ गई। 

शबरी की भक्ति को देखो
जूठे बेर खिलाती गई ।

भक्त की ऐसी भक्ति भावना 
भक्त के साथ में हो गई ।

भक्ति कर लो राम नाम की
जीवन सफल हो जायेगा ।

सीताराम भजन करो
हर मुश्किल कट जायेगी ।

पत्थर की थी अहिल्याबाई
चरण के छूते तर गई भाई ।

राम नाम की ऐसी ही भक्ति
पत्थर भी पानी में तेरे भाई । 

जय श्रीराम का नाम  लेकर 
कोई कार्य शुरू सब करते हैं ।

शबरी की कुटिया में जाकर
जूठे बेर शवरी के खाएं ।

श्रीराम के दर्शन पाकर ही
शवरी भी व्रह्मलीन हो गई 

जात पात का भेद न करते
सारा सच मर्यादा में अपनी रहते

महाबली बजरंग बली भी
राम नाम की भक्ति करते ।

भक्ति से भगवान बने थे ।
ऐसे वो बजरंग बली थे ।

हनुमान जी श्री राम के
सबसे प्रिय भक्त ही थे ।

सीना चीर कर जब दिखाये
श्रीराम और सीता सीने थे ।


सियाराम के प्रिय भक्त थे ।
भक्ति का वो मार्ग चुने थे ।

बुद्धि विवेक दाता है
शिव अंश अवतारी है ।

राम काज में समर्पित हैं
सारा सच ऐसे वो हित कारी हैं ।

विभीषण भी राम भक्त थे
श्रीराम राम के कृपापात्र बने।

रावण की मृत्यु के बाद में
लंका के राजा भी बने ।

ईश्वर की जो भक्ति करता 
मोक्ष भी वही पा जाता है ।

सारे दुख संकट दूर हो जाते
जीवन सफल हो जाता है ।

मां पार्वती ने शिव भक्ति करके
शिव शंकर को पति रूप में पाया ।

शिव शंकर की अर्धांगिनी बनकर 
मां जगत जननी स्वरूप पाया  ।

 महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त 
   जबलपुर म प्र

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