Thursday, 9 April 2026

गुरु ज्ञान का शिलालेख है - डाॅ० योगेश सिंह धाकरे "चातक"

गुरु ज्ञान का शिलालेख है - डाॅ० योगेश सिंह धाकरे "चातक"

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प्रलय को  रोकता है ।
निर्माण को पालता है ।
गुरू अवचेतन मन के,
तथ्यों को पहचानता है ।।

बल" विद्या" बुद्धि" विवेक,
संस्कार के प्रदाता को नमन ।
वेद "पुराण "चारो दिशा,
आठों याम के ज्ञाता को नमन ।

शिक्षक ही "दिशा"दशा" तय
करतें है,उज्वल भविष्य की ।
शिल्पकार बन प्राण प्रतिष्ठा, ..
योग्य बनने वाले व्यक्तित्व की ।

गुरु  के "ज्ञान "जप "तप" की, 
परिणिती समाज में झलकती है ।
नस्लैं और "सभ्यतायें" इनके, 
अथक प्रयासो से ही निखरती है ।

समाज और राष्टृ निर्माण मै, ..
नीव" का शिलालेख होता है ।
गुरु ज्ञान विज्ञान उपनिषिद.. 
पुराणो का आलेख  होता  है ।


विदित प्रतिविदित विषय के..
प्रश्नो की परीक्षा को नमन ।
गुरु  गोविन्द की संत कबीर..
वाली समीक्षा को नमन ।।

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स्वरचित..
डाॅ० योगेश सिंह धाकरे "चातक"
{ ओज कवि } अलीराजपुर  म.प्र.

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