अंतरराष्ट्रीय हिन्दी साहित्य मंच हमारी वाणी
नेता - डा अनन्तराम चौबे अनन्त
नेता राजनीति सभी करते हैं
कहते हैं राजनीत गंदी होती है ।
नेता ऐसी राजनीति करते हैं
जो हर पार्टी में ही रहते हैं ।
दल बदलू नेता ही अक्सर
सत्ता की कुर्सी पा जाते हैं ।
राजनीति में शतरंज की
चाल हमेशा चलते रहते हैं ।
सत्ता की कुर्सी में रहकर
करोड़ों के घोटाले करते हैं ।
घोटालों से बचने के लिए वो
दल-बदल की राजनीति चलते हैं ।
राजनीति के सब हथकंडे
बस राजनेता ही जानते हैं ।
भोली भाली जनता के बोट से
सभी नेता चुनाव जीत जाते हैं ।
नेता बनते राजनीति से
राजनीति अजब निराली है।
अंगूठा छाप एक नेता की भी
अपनी क्या शान निराली है ।
ज्यादातर अपराधी नेता
सांसद विधायक बनते हैं ।
चुनाव जीत कर सत्ता की
सारा सच कुर्सी पा जाते हैं ।
सत्ताधारी पार्टी का नेता
जो मंत्रियों के चमचे होते हैं ।
बड़े बड़े अफसरों की भी
सारा सच कुर्सी हिला देते हैं ।
राजनैतिक पार्टियां हमेशा
अपना उल्लू सीधा करती हैं ।
सत्ता की कुर्सी पाने चुनाव में
हर हथकंडे इसमें अपनाती है ।
देश में चुनाव में सभी पार्टियां
सत्ता की कुर्सी पाने लड़ती हैं ।
सारा सच है पूरा जोर लगाकर
चुनाव प्रचार पर जोर देती हैं ।
नेता चुनाव में भले लड़ते हैं
हार जीत भी होती रहती है ।
छींटा कसी आपस में करते
नेताओं की मजबूरी होती है ।
सत्ता में जो भी पार्टी आती है
अपने हिसाब से कानून बनाते हैं ।
सारा सच है नेता बनने में इनको
शिक्षा के मापदंड क्यों नहीं होते हैं ।
अनपढ़ भी सांसद विधायक हैं
मंत्री में शिक्षा का मापदंड नही है ।
शिक्षा से कोई अवरोध न आये
ऐसा कानून भी बनाते ही नही हैं ।
प्रदेश का चुनाव या देश का हो
राजनीति सब आपस में करते हैं ।
हाथ जोड़ कर बोट मांगते हैं
जाति धर्म की राजनीति करते हैं।
सांसद विधायक मंत्री बनने में
बी ए की शिक्षा होना जरूरी है ।
सारे सच की बात कहूं चुनाव में
उच्च शिक्षा का मापदंड जरूरी है ।
खानदानी राजनीति चलती है
पिता के बाद पुत्र नेता बनते है ।
कोई कोई तो पति-पत्नी पुत्र बहू
पूरा परिवार ही चुनाव लड़ते हैं।
पत्नी यदि पार्षद बन गई
पूरा काम पति ही करते हैं ।
पत्नी का बस नाम रहता है
काम पति सब संभालते हैं
महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त
जबलपुर म प्र

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