राष्ट्रीय हिन्दी साहित्य मंच हमारी वाणी
साप्ताहिक प्रतियोगिता हेतु
विषय ....... देश
नाम.. महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त जबलपुर
कविता... देश
आस्था और धर्म का देश है
पावन पवित्र कुंभ का देश है ।
साधू संत मुनियों का देश है
त्रिवेणी संगम गंगा का देश है ।
सोने की चिड़िया भारत था
वो भारत फिर से बनाना है ।
सुख शांति समृद्धि यहां हो
ऐसा ही हिन्दुस्तान बनाना है ।
आतंकवाद और भ्रष्टाचार से
मुक्त हो ऐसा देश बनाना है ।
आरक्षण की वैशाखी न हो
ऐसा हिन्दुस्तान बनाना है ।
सारा सच भारत देश हमारा है
और सबसे सुन्दर प्यारा है ।
मिल जुलकर हम रहते हैं
ऐसा हिन्दुस्तान हमारा है ।
गंगा जमुना सरस्वती
नर्मदा कावेरी ताप्ती हैं।
पावन पवित्र इन नदियों की
महिमा भी सुन्दर लगती है ।
ऐसा हिन्दुस्तान हमारा है
आपस में भाई चारा है ।
एकता आपस में रहती है
ऐसा सुन्दर देश हमारा है ।
धरती माता हैं गौ माता हैं
एक जगत जननी भी माता है ।
बच्चों को हर मां जन्म देती है
स्नेह प्यार और देती ममता है ।
सभी धर्मों का आदर करते हैं
आपस में भाई चारा रखते हैं ।
ये ऐसा सुन्दर देश हमारा है
लोकतंत्र के इस देश में रहते हैं ।
त्योहार सभी मिलके मनाते
दशहरा हो या हो दीपावली ।
भाई बहिन का रक्षाबंधन हो
और रंगों भरी मनाते हैं होली ।
देश की अलग-अलग भाषाएं हैं
और अलग प्रदेशों की बोली है ।
हिन्दी मराठी पंजाबी गुजराती
तमिल तेलुगू मलयाली बुन्देली है।
ऐसा प्यारा ये देश हमारा
हमें जान से भी प्यारा है ।
आन बान और शान से रहते
देश की शान तिरंगा प्यारा है ।
आस्था और धर्म का देश है
पावन पवित्र कुंभ का देश है ।
साधू संत मुनियों का देश है
त्रिवेणी संगम गंगा का देश है ।
लक्ष्मी बाई अहिल्या बाई
रानी दुर्गावती का देश हमारा ।
चन्द्रशेखर आजाद सुभाषचंद्र बोस
भगत सिंह का देश हमारा ।
योगी और विस्वा शर्मा जैसा
देश को मुख्यमंत्री चाहिए ।
देश को नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री
अमित शाह जैसा गृहमंत्री चाहिए।
श्रीराम और श्रीकृष्ण का
ऐसा सुन्दर देश हमारा है ।
भगवान को यहां पूजा जाता है
ऐसा पवित्र देश हमारा है ।
रामायण गीता को यहां
घर घर में पूजा जाता है ।
देवी और देवताओं को
श्रद्धा से पूजा जाता है ।
महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त
जबलपुर म प्र
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