काव्यकुंज
अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स - कादरभाई एन. मनसुरी
भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स की ख्याति ब्रह्मांड तक पहुंच गई ।
नौ महीनों की अंतरिक्ष यात्रा "नासा रिकॉर्ड बुक" की स्मृति बन गई ।
यूक्लिड-ओहायो-
अमेरिका में जन्मी सुनीता विलियम्स चमत्कार कर गई ।
"यत्र नार्यस्तु पूज्यते रमंन्ते तत्र देवता :" सूक्ति चरितार्थ हो गई।
पैतृक भूमि झुलासण-मेहसाणा-गुजरात की खुश्बू विश्वपटल में छा गई ।
महिला सशक्तिकरण के संग राष्ट्रगौरव की लालिमा दमक गई ।
अंतरिक्ष में नौ बार चहलकदमी का प्रथम महिला सम्मान पा गई ।
"नासा अंतरिक्ष उड़ान पदक" से सम्मानित वीरांगना मिसाल बन गई ।
अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर गई ।
बासठ घंटे के स्पेसवॉक की खुशी अंतरॉष्ट्रीय स्तर पर निखर गई।
स्पेसएक्स कंपनी के एलन मस्क की कड़ी मेहनत काम कर गई ।
अंतरिक्ष में पहुंचे स्पेसएक्स से खुशहाल आस की लहर दौड़ गई ।
१९ मार्च २०२५ बुधवार के शुभ दिन की मंगल घड़ी आ गई ।
स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल की फ्लोरिडा तट पर लैंडिंग की खुशी छा गई ।
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के चेहरे पर मुस्कान छा गई ।
अंतरिक्ष से पृथ्वी पर सकुशल वापसी की प्रार्थना प्रभु द्वार कबूल हो गई ।
सुनीता विलियम्स की अंतरिक्ष यात्रा से आविष्कार की 'मनसुर' मंज़िल मिल गई ।
प्रधानमंत्री मान. श्री नरेंद्रभाई मोदीजी की शुभकामनाएं असर कर गई ।
कादरभाई एन. मनसुरी
(दिव्यांग बच्चों के शिक्षा विशेषज्ञ)
जिला : मेहसाणा (उत्तर गुजरात)

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