मजदूर - डॉ० उषा पाण्डेय 'शुभांगी'
मनहरण घनाक्षरी
मापनी 8-8-8-7
देश सेवा करते हैं,
उम्मीद ही रखते हैं,
श्रमिक भाइयों पर,
हमें अभिमान है।
झोपड़ी में रहते हैं,
काम से न डरतें हैं,
ऐसे मजदूर भाई,
कौशलों की खान हैं।
अभाव में रहते हैं,
धूप-ताप सहते हैं,
भारत समृद्ध रहे,
यही अभियान है।
समर्पण भाव लिये,
काम के लिए ही जिये,
उषा कहती ये भाई,
सबसे महान हैं।
डॉ० उषा पाण्डेय 'शुभांगी'
स्वरचित
वैस्ट बंगाल
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