भगवान महावीर - दीक्षित राज बोहरा
जैन धर्म की जो है शान,
कुंडलपुर है जिनका जन्म स्थान,
उत्सव जिनका मनाते हैं हम हर वर्ष,
याद रहे... तिथि है चैत्र सुदी तेरस,
पिता जिनके सिद्धार्थ राजा महान,
बाल्यकाल से जाने जाते हैं जो वर्धमान,
शासन चल रहा जिन शासनपति का,
जन्म जयंती है आज हमारे भगवान महावीर का |
माता त्रिशला के थे वह लाल दुलारे,
सिद्धार्थ राजा के थे वह आँखों के तारे,
तीस वर्ष की आयु में त्याग दिया जिसने संसार,
आत्म कल्याण के लिए लिया सन्यास का आधार,
जन्म से ही जिनको प्राप्त थे तीन ज्ञान,
सन्यास के बारह वर्षों बाद हुआ जिनको केवल ज्ञान,
लीला है यह हमारे चौबीसवें तीर्थंकर की,
जन्मजयंती है आज हमारे भगवान महावीर की |
सन्यास उपरांत उनके जीवन में आए उपसर्ग कई,
और उनके पथ पर चलने वाले बने अनुयाई कईं,
सोलह सतिया, बीस विहरमान और गणधर थे जिनके ग्यारह,
जियो और जीने दो का पूरे देश में लगाया नारा,
बहत्तर की आयु में पावापुरी से हुए जो मोक्ष को प्रस्थान,
आज भी सारा देश करता है उनका ही गुणगान,
जीवन की कविता है यह उस अतिवीर की,
जन्म जयंती है आज हमारे भगवान महावीर की |
जन्म जयंती है आज हमारे भगवान महावीर की |
दीक्षित राज बोहरा
Tamilnadu

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