कमिश्नर ने कैंसर पीड़ित बच्ची के लिए अपना सिर मुंडवाया
-खुशदीप सहगल
मध्य प्रदेश पीएससी की सीनियर अफसर और सिंगरौली नगर निगम कमिश्नर सविता प्रधान ने एक मासूम के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए अपनी सुंदरता का मोह त्याग दिया. उन्होंने कैंसर की आख़िरी स्टेज से जूझ रही एक बच्ची के लिए अपना सिर मुंडवा दिया. दो दिन पहले बच्ची से इनकी मुलाकात हुई तो उस बच्ची ने इनसे कहा कि "मैम मुझे आपके बाल बहुत पसंद है..." सविता प्रधान इसे सुनकर भावुक हो गईं और उन्होंने दो दिन बाद अपना सिर मुड़वा दिया और बच्ची को अपने बालों का विग बनवाकर गिफ्ट किया...
सिर मुंडवाने के बाद जब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नई तस्वीरें साझा कीं, तो उनके इस रूप और खूबसूरत संदेश ने हर किसी का दिल जीत लिया है...
सविता प्रधान ने बताया कि उनकी खुद की मां ने तीन बार कैंसर का दर्द झेला है, इसलिए वे कीमोथेरेपी के दौरान बाल झड़ने की तकलीफ को भली-भांति जानती हैं...
बाल कटवाने के बाद उन्होंने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें शेयर करते हुए एक सशक्त संदेश लिखा कि सुंदरता लंबे बालों या गहनों से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास से झलकती है. उन्होंने यह भी साफ किया कि वे बिना किसी झिझक या स्कार्फ के इसी 'बाल्ड लुक' में अपने दफ्तर जाकर कामकाज संभालेंगी...
नर्मदापुरम जिले के मड़ई गांव की रहने वाली सविता प्रधान का संघर्ष प्रेरणादायक है. एक गरीब आदिवासी परिवार में जन्मी सविता की शादी महज 16 साल की उम्र में उनसे 11 साल बड़े व्यक्ति से कर दी गई थी, जहां उन्हें भीषण घरेलू हिंसा और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा. तंग आकर वे अपने दो बेटों (अथर्व और यजूस) के साथ ससुराल छोड़कर अलग हो गईं और रिश्तेदारों के सहारे ब्यूटी पार्लर में काम करके बच्चों का पालन-पोषण किया...
इसके बाद उन्होंने किताबों को अपना हथियार बनाया और साल 2005 में पहले ही प्रयास में MPPSC पास कर डीएसपी चुनी गईं. इसके बाद साल 2006 में 83वीं रैंक हासिल कर वे मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा की अधिकारी बनीं...
सविता प्रधान के जज़्बे को सैल्यूट...
