Friday, 28 August 2026

राजनीति: नेता व जनता कैसे हों / डा मंजु चावला

 राजनीति: नेता व जनता कैसे हों / डा मंजु चावला

हमारे नेता कैसे हों, ऐसे हों या वैसे हों,
देश का भला समझें जो, मेरे ख्याल से वैसे हों ।

दूसरे को नीचा दिखाना , ही ना जिनका मकसद हो,
सुनने की खूब क्षमता, पर बोलने की कुछ हद हो,
वही कहें कि देश का नाम , हो दुनिया में रोशन, ऐसे हों,
देश का भला समझें जो, मेरे ख्याल से वैसे हों ।

सबकी ख्वाहिश पूरा करना, किसी के लिए भी मुश्किल है,
मूल ज़रूरतें पूरी हो जाएं, इतना करना मुमकिन है,
कोशिश करके ज्यादा से ज्यादा, जनता को समझें , ऐसे हों,
देश का भला समझें जो, मेरे ख्याल से वैसे हों।

रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा , सेहत, यात्रा रोज़गार मिले,
जनता अपने नेता का, चुनाव सोच समझ के करे,
काबिलियत  ईमानदारी हो, ना मांगो फ्री के पैसे हों,
देश का भला समझें जो, सब नेता जनता ऐसे हों,

चाणक्य जैसी सूझ बूझ से राजनीति स्वच्छ करें, ऐसे हों,
कीमती वोट अवश्य डालें, ताकि जनता के नेता ऐसे हों,
देश का भला समझें जो , जनता और नेता ऐसे हों ।

           ' ज़रिया ' डा मंजु चावला
Chandigarh 

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