Thursday, 27 August 2026

राजनीति / गोरक्ष जाधव

 राजनीति / गोरक्ष जाधव


कहीं तोड़ कहीं जोड़,
गठबंधन है लालच का,
नेता लगे भले अपने,
जिम्मेदार बुरी हालत का।

वादे पे वादे इनके खूनी इरादे,
गठजोड़ है शैतानों का,
वोट की करे राजनीति,
देशभक्ति मुद्दा चुनाव का।

नौटंकी कर चुनकर आए,
परमभक्त बने जनता का,
विनम्रता का बनकर पुतला,
पैसा लुटे फिर जनता का।

सत्ता की बड़ी लालसा,
षड़यंत्र रचे बग़ावत का,
पद की चाह में निरंतर,
शक्ति प्रदर्शन चेलों का।

वादों को सारे भूल जाएं,
यह पैंतरा है बेशर्मों का,
पाँच साल बाद ही देखे,
मुख जनता की हाल का।

कहीं तोड़ कहीं जोड़,
गठबंधन है लालच का।
नेता लगे भले अपने,
जिम्मेदार बुरी हालत का।

गोरक्ष जाधव©®
मंगळवेढा,महाराष्ट्र.

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