आदेश / उषा पांडे शुभांगी
( दोहे )
चलो सत्य के मार्ग पर, मानो पितु आदेश।
कृपा करेंगे देवता, मिट जाएगा क्लेश।।
जग के पालक तीन हैं, ब्रह्मा विष्णु महेश।
वेदों के हर वाक्य को, मानो तुम आदेश।।
गुरु जी देते ज्ञान हैं, दो उनको सम्मान।
देते वे आदेश जो,
देना उस पर ध्यान।।
दशरथ नंदन राम ने, माना गुरु आदेश।
सबका तुम इज्जत करो,
दिया हमें संदेश।।
माता की हर बात को, मानो तुम आदेश।
विजयी होंगे तुम सदा, करें भला सर्वेश।।
करो नहीं अवहेलना, जो माँ दे आदेश।
मात-पिता सेवा करो, दें आशीष गणेश।।
कष्ट बड़ों को जो दिया, मान
नहीं आदेश।
भला नहीं उसका हुआ, कहते हैं शैलेश।।
नहीं फैसला लो कभी, जब आवे आवेश।
शांत चित्त आगे बढ़ो, रहे साथ देवेश।।
गौरा जी ने तप किया, मिले उन्हें महेश।
माना जो आदेश प्रभु, कृपा किये योगेश।।
हरिश्चंद्र ने त्याग दी, सब ऐशो आराम।
माने हर आदेश ऋषि, लिए ईश
निज धाम।।
रहना माता संग ही, जाना नहीं विदेश।
मान मात आदेश तुम, करना सदा निवेश।।
वेदों का है सार यह, मानो गुरु आदेश।
पूरे होंगे काम तव, दया करें अखिलेश।।
डॉ० उषा पांडे शुभांगी
स्वरचित
वैस्ट बंगाल

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