Wednesday, 26 August 2026

आजादी / सुरेश कंठ

 शीर्षक -       “ आजादी “ 

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हिंदी हमारी सुलभ भाषा है 
                हिंदी  राष्ट्रभाषा  घोषित हो 
हम सब की  है यही पुकार
                इसमें तनिक नहीं विलंब हो 

हिंदी में ही करते हैं भजन
                 भजन के बिना   चैन नहीं 
 सात समुंदर पार भी जाएं
              हिंदी के बिना सुख-चैन नहीं 

बैंक ने भी घोषणा की 
                   हिंदी में भी पत्राचार करें 
हिंदी में लिखा सारा चेक 
                 खुशी से सब स्वीकार करें 

बड़े प्यार से करते राही
               हिंदी है जन जन की पुकार
बच्चे बूढ़े सब में चलन है 
            यही है पढ़ने लिखने में शुमार 

हौसला मत टूटने देना प्यारे
           हिंदी ही देश की सर्वोत्तम प्यारे 
वरना आने वाली पीढ़ी 
              कभी क्षमा नहीं करेंगी प्यारे 

देश की सुंदर भाषा है हिंदी
          बोलने में अच्छी लगती है हिंदी
मन में प्रीत बनाए हिंदी 
                  जग में प्रीत बनाए हिंदी 

हिंदी है हम वतन की भाषा 
       हिंदी में बोलने की आजादी मिले
यही है सब जन जन की पुकार
      हिंदी में लिखने की आजादी मिले

       बोलो ओम नमः शिवाय 
       बोलो ओम नमः शिवाय 
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           ***  जय हिंद  ***
 रचयिता- वरिष्ठ कवि सुरेश कंठ
             बथनाहा, अररिया
                   बिहार

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