हमारा संविधान / कादरभाई एन. मनसुरी
'विभिन्नता में एकता' की खुशनुमा खुशबू से महकता खुशहाल हिन्दुस्तान है।
विश्व में सबसे लम्बा हस्तलिखित संविधान भारत देश की अनूठी शान है।
संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकरजी को कोटि-कोटि नमन है।
'भारत के हम लोग' प्रस्तावना से प्रारंभ संविधान देश का सर्वोच्च कानून है।
हिन्दी-अंग्रेजी भाषा में लिखित संविधान उन्नत राष्ट्र की अनोखी पहचान है।
शांतिनिकेतन के चित्रकारों का संविधान कलाकृति में विशिष्ट योगदान है।
भारतीय सर्वेक्षण विभाग-देहरादून में ऐतिहासिक प्रकाशन का निर्वहन है।
26 नवम्बर 1949 को अपनाया गया भव्यतम भारत का अनुशासन है।
26 जनवरी 1950 को लागू किया गया भारत का मनोहर संविधान है।
2 वर्ष 11 माह 18 दिन की अवधि में परिपूर्णता की खुशी मनभावन है।
समान अवसर-समान अधिकार-कल्याणकारी सद्भावना का परिपालन है।
संप्रभु-समाजवादी-धर्मनिरपेक्ष स्वतंत्रता में घोषित गणराज्य का जीवनदर्शन है।
सार्वजनिक वयस्क मताधिकार में अतुलनीय आनंद से भरा अपनापन है।
नारी सम्मान-शिक्षा-संस्कृति-बंधुत् व-समरसता में जगमगाता जीवन है।
'सर्व धर्म समभाव' की स्वतंत्रता में सुखद-सुहावना सौहार्दपूर्ण संवेदन है।
मौलिक अधिकार-संवैधानिक उपचारों में पूर्णतया सुनिश्चित प्रावधान है।
भारतीय संविधान में लोकतांत्रिक गणराज्य का प्रतिबद्ध आश्वासन है।
सुरम्यता-सौम्यता से सुशोभित संविधान भारत की आन-बान-शान है।

No comments:
Post a Comment