नाम बड़े और दर्शन छोटे / खुशदीप सहगल
एयर होस्टेस थी, फिर पुलिस अफसर बनी, अब कुछ और ही खेल खेलने में धरी गई...
मध्य प्रदेश में इन दिनों पुलिस अधिकारी नेहा पचिसिया चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं. कभी एयर होस्टेस रहीं नेहा पर हत्या के आरोपित एक शख़्स के परिवार से 15 लाख रुपये मांगने और आरोपी के पिता की 83 लाख रुपए की ज़मीन को उसकी असल कीमत से बहुत कम दाम यानि 18.20 लाख रुपए में अपने एक सहयोगी के नाम ट्रांसफर करवाने का आरोप है...
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नेहा को सस्पेंड कर दिया है और मामले की जांच की जा रही है...
नेहा पचिसिया मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की पचोर तहसील की रहने वाली हैं.12वीं कक्षा करने के बाद नेहा ने एविएशन की पढ़ाई की और एयरलाइन सेक्टर में कदम रखा और एयर इंडिया में एयर होस्टेस के तौर पर काम किया...
बाद में पचिसिया ने सरकारी नौकरी में जाने का फैसला किया. 2012 में MPPSC परीक्षा दी और 2016 में फाइनल रिजल्ट आया. नेहा ने राज्य में 20वीं रैंक हासिल की और डीएसपी के तौर पर पुलिस सेवा जॉइन की...
नेहा की पहली पोस्टिंग गुना में सीएसपी के तौर पर हुई थी. बाद में भोपाल में पुलिस मुख्यालय में काम किया और खंडवा में भी तैनात रहीं. मई 2025 में तबादला कटनी हो गया. नेहा को शहर का सीएसपी नियुक्त किया गया...
19 अगस्त को कटनी के कुठला थाने में 37 साल की पुलिस अधिकारी नेहा पचिसिया और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया...
कटनी के SP अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक, यह मामला इन आरोपों से शुरू हुआ कि नेहा पचिसिया ने मर्डर के आरोपित रमेश लोधी की गिरफ्तारी में देरी की और बाद में तय 90 दिनों के अंदर उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं करवाई....
विश्वकर्मा ने कहा, "जब हमारे ध्यान में यह बात आई कि आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है, तो हमने उसे गिरफ्तार करवाया." हालांकि, जुलाई के पहले हफ्ते में लोधी को डिफॉल्ट जमानत मिल गई क्योंकि चार्जशीट दाखिल नहीं की गई थी...
एसपी विश्वकर्मा ने आगे कहा, "मैंने जांच की समीक्षा करवाई... मैंने अपने एडिशनल SP कमल मौर्य को शुरुआती जांच करने का निर्देश दिया, जिन्हें मामला संदिग्ध लगा..."
इसके बाद जबलपुर की ASP अनु बेनीवाल ने जांच की, जिसमें पता चला कि आरोपी लोधी और उसके परिवार की जमीन मारूफ अहमद हनफी को 18.20 लाख रुपये में बेची गई थी, जबकि सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार इसकी कीमत 83 लाख रुपये थी और बाजार में इसकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई थी...
SP विश्वकर्मा ने कहा, "कोई व्यक्ति इतनी कम कीमत पर जमीन क्यों बेचेगा? इसका मतलब है कि वह दबाव में था. और दबाव यह था कि उसे जेल नहीं भेजा जाएगा..."
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को नेहा पचिसिया समेत 6 अन्य पुलिसकर्मी भी तुरंत सस्पेंड करने का आदेश दिया. इस मामले में राजनाथ नगर पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अरुण पाल सिंह, सब-इंस्पेक्टर सौरभ सोनी, CSP के रीडर नरेंद्र पांडे, गनमैन मटू और ड्राइवर केशव को भी सस्पेंड कर दिया गया...
नेहा पचिसिया के खिलाफ एक अलग विभागीय जांच भी चल रही है. यह जांच एक ऐसे आरोप के संबंध में है जिसमें कहा गया है कि उन्होंने एक ट्रांसपोर्टर के डंपर ट्रक रोककर उससे पैसे ऐंठे थे...

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