Sunday, 23 August 2026

आजादी / स्व रचित एवं मौलिक

 आजादी / स्व रचित एवं मौलिक

वीर सपूतों के बलिदान की अमर कहानी है आजादी। 
सोने से सुंदर देश की पावन कुर्बानी है आजादी।। 
वीर सपूतों ने कितने जो लहू बहाये सीमा पर। 
जान की अपनी बाजी लगा दी है सीमा पर।। 
हर एक नागरिक की जिम्मेदारी है आजादी। 
वीर सपूतों के बलिदान की अमर कहानी है आजादी। 
जाँति- धर्म को भूलकर प्रेम हम बढ़ाये देश में। 
जीव- जन्तु की रक्षा हो किसी भी परिवेश में।। 
खुलकर साँसे लेने की अमिट कहानी है आज़ादी। 
वीर सपूतों के बलिदान की अमर कहानी है आजादी।। 
निज स्वार्थों को त्यागकर स्वाभिमान बढ़ाये देश का। 
कर के सुकर्म सतत ही अभिमान बढ़ाये देश का।। 
रग- रग में बसने वाली गौरव की कहानी है आज़ादी। 
वीर सपूतों के बलिदान की अमर कहानी है आज़ादी।। 
हम कभी न भूल जाये त्याग- प्रेम की मिसाल को। 
करे अनुसरण भी शहीदों के जीवन की मिसाल को।। 
भारत माँ के आँचल की जलती कहानी है आजादी। 
वीर सपूतों के बलिदान की अमर कहानी है आज़ादी।। 

स्व रचित एवं मौलिक
डॉ रेखा तिवारी
इंद्रापुरम, गाज़ियाबाद

No comments:

Post a Comment