काव्यकुंज
#वंदे मातरम् के 150 साल
#भारत के #प्रधानमंत्री श्री #नरेंद्रभाई #मोदीजी के वंदे मातरम् स्मरणोत्सव की खुशी भव्य भारत में छा गई।
#राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ भारत सरकार की शाश्वत संकल्पना का आध्यात्मिक मंत्र बन गई।
बंकिमचंद्र चट्टोपाध्यायजी का वंदे मातरम् गौरवशाली दिव्यतम भारतभूमि का प्रेरणास्रोत बन गया।
7 नवंबर 1875 बंकिमचंद्रजी की कालजयी रचना वंदे मातरम् आलेखन का ऐतिहासिक अवसर मन भाया।
सन् 1882 बंकिमचंद्रजी के आनंदमठ उपन्यास में वंदे मातरम् गीत प्रसिद्धि की सुमधुर खुशबू छा गई।
सन् 1896 रविंद्रनाथ टैगोरजी के लयबद्ध मृदु स्वर में राष्ट्रगीत की स्तुति-वंदना बसंतबहार लाई।
संस्कृत-बांग्ला मिश्रित भाषा में लिखित वंदे मातरम् गीत में मातृभूमि की सुंदरता का संदेश झिलमिलाया।
स्वतंत्रता सेनानी-क्रांतिकारियों की त्याग भावना में वंदे मातरम् जन-जन जागरण का संकल्प गीत बन गया।
7 अगस्त 1905 राजनीतिक नारे के रूप में वंदे मातरम् की मुकम्मल उद्घोषणा अवर्णनीय आनंद लाई।
22 अगस्त 1907 मैडम कामाने जर्मनी के स्टटगार्ट में लहरायें तिरंगे में अंकित वंदे मातरम् की खुशी लहराई।
24 जनवरी 1950 संविधान सभा में वंदे मातरम् गीत स्वीकृति उन्नत राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बन गया।
कोलकाता अधिवेशन में सांस्कृतिक धरोहर वंदे मातरम् गीत का विधिवत् मंगलाचरण खुशियां लाया।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदीजी के करकमलों से सिक्का स्मारक डाक टिकट विमोचन की खुशी छा गई।
संस्थान-सांस्कृतिक संगठन- शैक्षणिक केंद्र-सार्वजनिक स्थलों में राष्ट्रगीत की अविस्मरणीय गूंज उमंग लाई।
सेमिनार-प्रदर्शनियां-संगीत प्रस्तुतियां-सार्वजनिक पाठ-प्रतियोगिताने एकता- समरसता का अलख जगाया।
वेबसाईट पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों-लघु फिल्म-तस्वीर- वीडियो की वंदे मातरम् प्रस्तुति खुशहाली लाया।
आकाशवाणी-दूरदर्शन-एफएम रेडियो की जीवनदायिनी गीत ध्वनि ने देशप्रेम की अमर ज्योत जलाई।
रेलवे स्टेशन-हवाई अड्डों की एलइडी डिस्प्ले पर अंतर्निहित वंदे मातरम् तराने की सुहावनी बेला आई।
सांस्कृतिक संध्या-वैश्विक संगीत समारोह में एक ऊर्जा- एक स्वप्न-एक संकल्प का जयघोष जगमगाया।
विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत में सुशोभित वंदे मातरम् गीत देश की आन-बान-शान बन गया।
कादरभाई एन. मनसुरी
(नेत्रहीन बच्चों के शिक्षा विशेषज्ञ)
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