जिंदगी का भरोसा नही - संजय जैन "बीना"
विधा : कविता
अभी तो हम जिंदा है
अगले पल का भरोसा नही।
जन्म मृत्यु पर तुम देखो
जोर किसी का चलता नही।।
जरूरतो को पूरा करना
सबके बस की बात नही।
इरादा पक्का करना ही
इसका मूल आधार है।।
हमें और तुमको भी अब
समझना बहुत जरूरी है।
जमाने के अनुसार भी
हमें चलना जरूरी है।।
अगर तुम चल नही पाएं
तो जी भी नही पाओगें।
इसलिए इस युग में तुम्हें
संभलकर चलना पड़ेगा।।
लोगों का ईमान तुम देखो
सदा ही डोलता रहता है।
मन की लालच का इसमें
रोल बड़ा जो होता है।।
कभी खुशियाँ आती है
तो कभी दुख भी आते है।
पर दोनों परस्थितियों में
जो सामंजस्य रख पाते है।।
सफल जीवन भी जीते है
और ऊँचाइयों को छूते है।
गुरु मंत्र अपना ये सबको
निस्वार्थ भाव से सुनाते है।।
जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई

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