Friday, 22 May 2026

तालीम - डा, तरूण राय कागा

तालीम  -  डा, तरूण राय कागा 

तालीम हासिल कर बंदा बाक़ी सब बेकार,

तरबियत हासिल कर बंदा बाक़ी सब बेकार।

        सैंकड़ों तालों की एक चाबी तालीम तोहफ़ा,
        तह़ज़ीब हासिल कर बंदा बाक़ी सब बेकार।

इल्म से होता उजाला अंधेरे में रोशनी ,
तमीज़ हासिल कर बंदा बाक़ी सब बेकार।

         तालीम त़ाक़्त एक सिक्के के दो पहलू,
          क़ाबिलियत हासिल कर बंदा बाक़ी सब बेकार।

इल्म लूट-खसोट चोरी नहीं हो सकता,
ख़ज़ाना हासिल कर बंदा बाक़ी सब बेकार।

          जाहिल का कोई क़द्रदान एह़तराम नहीं कागा,
          तासीर हासिल कर बंदा बाक़ी सब बेकार।

क़लमकार 
डा, तरूण राय कागा 
कवि साहित्यकार

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