कद्र करो आज़ादी की
आज के युवाओं के प्रश्न
देश ने हमको दिया ही क्या है, हम क्यों देश की सोचें
हर तरफ तो चोर भरे हैं, हम क्यों देश की सोचें
देशभक्त गुरु का जवाब
आखिर तुम सब लोग , ऐसा क्यों करते हो,
फ़र्ज़ निभाने की नहीं, हक की बातें करते हो,
भगत सिंह अच्छा लगता है, पर अपने घर पर नहीं
ईमानदारी हमें चाहिए, पर अपने मन में नहीं
ऐसी सोच ही वजह थी, पहले भी गुलामी की
दिल की खुलकर कह रहे हो, कद्र करो आजादी की
भारत माता हाथ जोड़कर, पैर पकड़ कर मांगती
अपने ही बच्चों से अपनी , इज्ज़त की रक्षा चाहती
क्यों काटते हो बांटते हो, मत भूलो मां हूं तुम्हारी
मैं क्यों करूं ,वो करे , इक दूजे पर डालते जिम्मेवारी
खुश नसीब हूं, आज सबसे अधिक मेरी युवाशक्ति है
याद रखो तुम सबकी तरक्की में ही मेरी तरक्की है
तुम्हारे ही कंधों पर तो मेरा मान टिका है
ऐसे बच्चे बनके रहना, जिसका न ईमान बिका है
आत्मनिर्भर बनकर तुम, विदेशों को दिखला दो
अपने उज्ज्वल विचारों से चारों दिशा महका दो
एक कमजोर होने लगे तो दूजा साहस दे
देश की इज्ज़त हमारी इज्ज़त ऐसा समझा दे
गर्म दल या नर्म दल तरीका कोई भी अपनाओ
मिलकर काम करके देश को दुश्मन से बचाओ
मेरी मानो बड़े होकर चाहे कुछ भी बनना
देश प्रेम के रंग से ही जीवन को भरना
जय हिंद
जय भारत मां
डॉ मेजर मंजु चावला ' ज़रिया '
Chandigarh

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