Tuesday, 18 August 2026

गंगाजल / डॉ० उषा पाण्डेय

 गंगाजल / डॉ० उषा पाण्डेय

गंगाजल होता पवित्र, है यह अमृत समान।
गंगा जी को हम माँ कहते, उत्तम है गंगा स्नान।
भगीरथ जी गंगा जी को धरती पर लाये, भागीरथी नाम मिला।
शिव जी ने गंगा जी के प्रचंड वेग को, अपनी जटाओं में रोक दिया।
अपनी जटा से शिवजी ने, पृथ्वी पर गंगा की धार को   किया प्रवाहित।
भगीरथ जी के पूर्वजों को मुक्ति मिली, गंगा जी पृथ्वी पर बहीं संयमित।
गंगाजल कभी खराब नहीं होता, गंगाजल में ऑक्सीजन रहता बहुतायत।
गंगाजल हर हिंदू के लिए, रखता है बहुत अहमियत।
हमारी आस्था का है प्रतीक गंगा जल, हर घर मे पाया जाता।
शुभ कार्य में गंगाजल, उपयोग में लाया जाता।
'गंग सकल मुद मंगल मूला। सब सुख करनि हरनि सब सूला।' तुलसीदास जी ने बताया। 
जय जय भागीरथ नन्दिनी, मुनि-चय चकोर चन्दिनी,
विनय पत्रिका में बतलाया।
मन चंगा तो कठौती में गंगा' संत गुरु रविदास जी हमें बता गए।
साधारण जल भी गंगाजल हो जाता है, यदि उसमें दो-चार बूंद गंगाजल का पड़ता है।
गंगाजल से ही, मानव का पाप धुलता है।
गंगाजल के छिड़काव से, नकारात्मकता दूर होती, सकारात्मक उर्जा मिलती है।
मोक्षदायिनी गंगा, हमारा स्वास्थ्य ठीक रखती है। 
गंगा में हम डुबकी लगाते, शांति हम पाते।
हर हर गंगे, जय माँ गंगे, जयकारा हम सब खूब लगाते।
देवताओं का अभिषेक, गंगाजल से किया जाता।
किसी पूजा के पहले, गंगाजल से स्वयं को शुद्ध किया जाता।
गंगाजल में अनेक, औषधीय गुण होता।
गंगाजल की है विशेषता, गंगाजल कभी खराब नहीं होता।
गंगाजल शिवलिंग पर चढ़ता, करते हम गंगाजल से अभिषेक।
बुरा ख्याल न मन में आता, जागता हमारा विवेक।
गंगाजल पवित्र होता, 
इसे जमीन पर रखें नहीं।
तांबे, चांदी या कांच की शीशी में गंगाजल, ऊपर रखना है सही।
गंगाजल क्यो खराब न होता, 
कई परीक्षण किया गया।
गंगाजल में बैक्टीरियोफेज वायरस होता, हानिकारक बैक्टीरिया रहने नहीं देता,
वैज्ञानिकों ने अपने प्रयोग में पाया।
गंगाजल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता, आयुर्वेद  है ऐसा कहता।
गंगाजल में सल्फर खूब होता, जिवाणुओं की वृद्धि रोकता।
गंगा में गंदगी पड़ती, हमें इसे रोकना होगा।
नमामि गंगे जैसे कार्यक्रमों में,
सहयोग करना होगा।
गंदगी गंगा में न डालें, बच्चों को समझाना होगा। 
गंगा स्वच्छ अविरल बहती रहे, गंगाजल का महत्व सबको बताना होगा।

डॉ० उषा पाण्डेय 'शुभांगी'
स्वरचित
वैस्ट बंगाल 

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