Thursday, 13 August 2026

दादा गिरी / महाकवि डा अनन्तराम चौबे

अंतरराष्ट्रीय हिन्दी साहित्य मंच हमारी वाणी 

साप्ताहिक प्रतियोगिता हेतु 
विषय.. दादा गिरी 
दिनांक... 28/7/2026
नाम.. महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त जबलपुर 
कविता...

      दादागिरी 

अपने ही बच्चे घर में कहते हैं
अब तो अपने को बदल लो
बाहर न सही कम से कम 
मोहल्ले में पंगा मत लो ।

पहले युवावस्था और
नौकरी का सपोर्ट था
सच बोलना ही आज
के समय का खोट था ।

रिटायरमेंट की इस उम्र में
न जोश है न होश है ।
जोर से बोलने में हांफते हो
वी पी बढने से कांपते हो ।

खुद अपने आपको
संभाल  नही पाते
बोलने में आपा खो देते हो
रिटायर  हो गया तो क्या हुआ
कहने की हिम्मत तो रखते है ।

सच बोलना सच कहना
सच का साथ देना
आशा बादी रहना
आत्मसम्मान से जीना
क्या यही बुराई है
कोई भी घर के सामने
कचरा डाल दे
रोड पर पानी  बहाये
टंकी ओवर फ्लो हो जाय
पर बंद न की जाय ।

क्या यही
पानी का मोल है
समय वे समय बच्चे
रोड चौराहे पर खेलते है
हो हल्ला शोर मचाते है ।
राह चलते राहगीरों की
राह रोक देते है ।

रास्ता रोककर
किसी भी फक्शन का
कभी शादी की पार्टी
कभी जन्म दिन पार्टी के
बहाने टेंट लगा देते है ।
मना करने पर
दादागिरी दिखाते है ।

बुजुर्ग हूँ कह देता हूं
नोकरी भी बहुत ही 
ईमानदारी  से किया हूं 
भ्रष्टाचारियों चोरों
बेईमानों का कभी
साथ नही दिया हूं ।
चन्दा लेने देने के
खिलाफ रहा हूं ।

स्वच्छता  सफाई
प्रधानमंत्री जी की
एक अच्छी योजना है
बढ चढकर इसमें
अपना हाथ बटाओ
इसमें क्या  सोचना हैं ।

सच तो सच है
कभी नही बदलता है
अपने तो बस अपने है
उनका कहना  भी
अच्छा लगता है ।

दादागिरी करने बालों का
कोई ईमान धर्म नही होता है ।
सच बोलने बाला कुछ परेशान हो 
कभी किसी से डरता नही है ।

आरक्षण वाले भी आजकल 
अपनी दादागिरी दिखाते हैं।
जातिगत सम्बोधन करने पर 
एफ आई आर दर्ज कराते हैं ।

एस सी एक्ट की एफआईआर 
कराने में सरकार नगद राशि देती है।
आरक्षण वालों और पुलिस की
मिली भगत की बंदरबांट जो होती है ।

अमेरिका के राष्ट्रपति को देखो
बेवजह दादागिरी कर रहे है । 
युद्ध की कोई जरूरत नही है
टेरिफ लगा युद्ध कर रहे हैं ।

महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त
  जबलपुर म प्र /8326/
       28/7/2026
  लंदन यू एस ए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

No comments:

Post a Comment