शीर्षक : - सावन माह- उत्तम माह / सुरेश कंठ
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सावन माह है अपने में उत्तम माह
करते हैं इसमें बोल बम की तैयारी
सालों भर इसके करते हैं इन्तजार
बाबा धाम की करें मन से तैयारी
संगी - साथी को साथ लेते मनसे
वहाँ न कोई गरीब है न कोई धनी
बोल बम के रास्ते में एक ही नारा
सभी की फरियाद की जाती सुनी
बोल बम का सुन्दर नारा है,
बाबा ही एक सहारा है
सुल्तानगंज से बाबा धाम
105 किमी की दूरी है
सावन में लाखों लोग
जातें हैं कांवड़ लेकर
सड़क मार्ग से पैदल ही
बाबा धाम जाते दिल खोलकर
चलना पड़ता सोच समझकर
लचकत - लचकत जाना है
मिलती है अपार आनंद
बोल - बम बोलते जाना है
“ जयहिंद “
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थैंक्स " सर "
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वरिष्ठ कवि सुरेश कंठ,
अररिया, बिहार

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