अंतरराष्ट्रीय हिन्दी साहित्य मंच हमारीवाणी Hamarivani
साप्ताहिक प्रतियोगिता हेतु
विषय... समझौता
नाम.. महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त जबलपुर मध्यप्रदेश
कविता...
समझौता
दो परिवारों के मिलने से
शादी का समझौता होता है ।
लड़का लड़की के समझौते से
पति-पत्नी का रिश्ता जुड़ता है ।
शादी का अटूट बंधन ही
जीवन भर चलता रहता है ।
दो परिवारों का समझौता ही
पति-पत्नी को साथ में जोड़ता है ।
सारा सच पति-पत्नी का रिश्ता
दोनो का आपस में जुड़ता है ।
एक दूजे का साथ निभाते
जीवन भर रिश्ता चलता है ।
पति पत्नी दोनो आपस में
जीवन भर साथ निभाते हैं ।
एक साथ छोड़कर चला जाए
पहाड़ से ये दिन कैसे कटते हैं ।
सुख की कल्पना करना ही
जीवन में अछूता लगता है ।
किसी एक का साथ छूट जाए
एक दिन काटना मुश्किल होता है ।
पति पत्नी जीवन के साथी है
जीवन के सफर में मिलते हैं।
हम सफर साथी जब बनते हैं
जीवन भर साथ निभाते हैं ।
सारा सच पति पत्नीका आपस
में जीवन का रिश्ता जुड़ता है ।
जीवन साथी बनाकर रहते हैं
कदम कदम पर साथ निभाते हैं।
पति संग पत्नी का रिश्ता
जब भी आपस में जुड़ता है।
जीवन साथी एक दूजे के होते
जीवन भर का साथ रहता है।
माता-पिता का घर छोड़कर
पति संग ससुराल जाती है ।
जीवन साथी बनने का शादी में
पति के साथ बचन निभाती है।
सारा सच पति संग सुख पाने
को अर्धांगिनी बनकर रहती है ।
पत्नी प्रेमिका बनकर भी
तन मन को समर्पित करती है।
जीवन साथी के रिश्तों को
पत्नी बनकर ही निभाती है ।
सुख दुख की सच्ची साथी
जीवन साथी हमसफर होती है।
जीवन की अंतिम सांसों तक
आपस में साथ निभाते हैं ।
सारा सच सुख दुख बांटकर
सच्चे जीवन साथी बनकर रहते हैैं ।
महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त
जबलपुर म प्र

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