Wednesday, 15 July 2026

घोटाला - महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त

 

अंतरराष्ट्रीय हिन्दी साहित्य मंच हमारीवाणी 
साप्ताहिक प्रतियोगिता हेतु 

घोटाला - महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त

भगवान के मंदिर में सभी 
श्रद्धा विश्वास से जाते हैं
छोटा बड़ा जो भी मंदिर हो
भगवान वहां पर रहते हैं ।

अयोध्या के राम मंदिर में
लाखों का घोटाला हुआ है ।
संस्था के सदस्यों ने मिलकर 
क्या क्या घोटाला किया है ।

जांच शुरु भी हो गई है 
सारा सच भी आ जायेगा ।
मंदिर में चोरी करने वाले को
कानून से बख्शा नही जायेगा ।

रक्षक ही भक्षक हो जाएं
फिर किस पर विश्वास करोगे ।
ऊपर वाला सब देखता है
घोटाले का फल भी पाओगे ।

धर्म में श्रद्धा आस्था जो रखता है 
 मंदिर से भी वो जुड़ा रहता है ।
गृहस्थ जीवन को जीकर भी
जीवन अपना सफल बनाता है ।

मंदिर में ईश्वर की पूजा करना
समय मिले ध्यान लगाना ।
मनुष्य का तन मिला है तो
पूजा भक्ति भी करते रहना।

सुखमय जीवन जीना है
तो परोपकार भी करना है ।
सारा सच है जैसी सामर्थ हो
परोपकार भी, वैसा करना है ।

मंदिर में पूजा पुण्य का काम है
पुण्य का फल मीठा मिलता है ।
आज नहीं तो कल मिलता है
जीवन भी सुख मय रहता है ।

धर्म पूजा में श्रद्धा जो रखता है
फल भी उसको  मिलता है ।
परोपकार करने वाला ही
सबकी दुआएं पाता रहता है ।

माता पिता की सेवा करना
कभी दुखी न उनको रखना ।
माता पिता की सच्ची सेवा ही
ईश्वर की जैसे पूजा करना है ।

सच्ची राह किसी को दिखाना
सारा सच पुण्य का काम होता है। 
छोटा छोटा श्रम दान करो तो
वो भी परोपकार ही होता है ।

प्यासे को पानी पिला दो
भूखे को दो रोटी खिला दो ।
पक्षियों को दाना खिला दो
मंदिर में पूजा जैसा होता है ।

महिलाएं अक्सर ही मंदिर में 
भजन कीर्तन करती रहती है ।
घर परिवार में खुशियां रहें
मंदिर में यही कामना करती है

पूजा, भक्ति ,धर्म कर्म भी
श्रद्धा से जीवन में करना है ।
सारा सच है मोक्ष मिलेगा 
जीवन जो सार्थक करना है ।

  महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त
  जबलपुर म प्र

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