Monday, 17 August 2026

वीरों की याद में मोहाली मे कवि सम्मेलन किया

 वीरों की याद में मोहाली मे कवि सम्मेलन किया 

सारा सच (जीरकपुर मोहाली) पंजाब: 15 अगस्त 2026  को आजादी के 80 वें पावन पर्व पर देश के वीरों की याद में *काव्य क़दम साहित्यिक संस्था हरियाणा* द्वारा होटल प्लैटिनम, ओल्ड अम्बाला रोड़ ढकौली में एक कवि सम्मेलन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि मशहूर वीर रस कवि विजेंद्र सिंह चौहान रहे। मंच संचालन आशा रानी द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। 
कवि सम्मेलन की शुरुआत बाल कवि अयांश भगवाड़िया ने एक देश भक्ति रचना सुनाकर की। इसके बाद अध्यक्ष बलवान सिंह मानव ने देश भक्ति पर सुनाया - देश से मेरे मुझको प्यार है, ये देश ही तो मेरा श्रृंगार है- और वाहवाही लूटी।
सीमा चहल पुष्प ने नारी शक्ति की महिमा दर्शाई और माहौल में एक नया रंग भर दिया - साड़ी में सिमटी हुई नारी, सारे जमाने पे है भारी। राजीव गुप्ता ने बहुत शानदार प्रस्तुति दी - एक बार नहीं हम सौ बार मरेंगे,  देश के लिए हर बार मरेंगे - सुनाकर मन मोह लिया।
मशहूर गज़लकार अनीता नरवाल ने अपनी शानदार गज़ल यूं सुनाई- आते नहीं हैं ख़्वाब परी के जहान से, बढ़ने लगा है प्यार का खतरा निशान से- और तालियों की गड़गड़ाहट लूटी।
चंडीगढ़ से प्रसिद्ध सर्वेश शायर ने अपनी देश भक्ति इस प्रकार पेश की - आजाद भगत सिंह का हम नाम कैसे भूलें,
कैसे मिली आज़ादी परिणाम कैसे भूलें - और माहौल को देशमय बना दिया। युवा कवयित्री करिश्मा वर्मा ने अपनी शानदार प्रस्तुति इस प्रकार दी - पूर्वजों का लहू मिला माटी में,  आज़ादी नहीं मिली खैरात में। शशि गुरु ने अपनी भावुक प्रस्तुति दी - मुझसे मत पूछो कि भारत कितना महान है - सुनाकर सबको जागरूक किया। मीना जागलान ने बहुत सुंदर प्रस्तुति दी - तिरंगा जब आसमान में लहराता है, हर दिल देश भक्ति से भर जाता है।
 विश्वजीत सिंह शब्द ने देश भक्ति पर आत्मिक मंथन पेश किया - यह देश है कर्मवीरों की भूमि, भारत भाग्य विधाता! - सुनाकर सबको प्रेरित किया। शशि ज़रोडिया ने बहुत सुंदर प्रस्तुति दी - यह देश केवल धूल नहीं पूर्वजों की हुंकार है, यह फ़र्ज़ मोहब्बत रोटी और इंकलाब की धार है।
संदीप भगवाड़िया ने अपनी गज़ल यूं सुनाकर सबका दिल जीता - मेरे जख्मों की तरफ तू भी नज़र करके तो देख, है गुज़रता किस तरह तन्हा सफर करके तो देख। संचालिका आशा रानी ने अपनी शानदार प्रस्तुति इस प्रकार से दी - कागज़ पे आज़ादी और भाषणों के हार हैं, आप भी इस देश में सच पुछो तो लाचार हैं - सुनाकर वाहवाही लूटी। नीरज कुमार गुप्ता ने भी मंच पर अपनी प्रस्तुति दी।आस्था पब्लिक स्कूल अभयपुर पंचकूला से पहुंची कमलेश अध्यापिका ने भी देश भक्ति पर सुंदर संदेश दिया।
अन्य कवियों में बृजेश शर्मा स्नेही ,राजन तेजी सुदामा, राम कुमार वर्मा डॉ अनुपमा हेमा, रवि कटारिया, राकेश भट्ट ने संस्था के माध्यम से देश को एक नया संदेश दिया।
अंत में मुख्य अतिथि ने देश के 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों को याद करते हुए उनके बलिदान को स्मरण किया। यह बताया कि आज भी देश को भगत सिंह, सुभाष चंद्र , झांसी की रानी, बिस्मिल्लाह खां जैसे वीरों की जरूरत है। इस अवसर पर अपनी देश प्रेम पर रचना सुनाकर आम जनता में नया जोश भर दिया- रावण का संहार न होता, गर उसे अभिमान न होता।
अध्यक्ष बलवान सिंह मानव ने बताया कि - आज भी हर मां भारत माता ही है और भारत माता के बच्चे देश की सीमा पर हमारी सुरक्षा करते हैं। हमें सभी का सम्मान करना चाहिए।
अंत में संस्था ने राष्ट्र गान - जन गण मन अधिनायक गाकर देश प्रेम प्रदर्शित किया। 
कार्यक्रम में पहुंचे आम जन मानस ने भी देश भक्ति से प्रेरित कवि सम्मेलन का आनंद उठाया। भारत माता की जय, वंदे मातरम् से सारा माहौल देशमय हो गया।

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