विश्व पर्यटन दिवस - सूबेदार कृष्णदेव प्रसाद सिंह
(27 सितंबर को हर साल)
(कविता/काव्य तरंग)
विश्व पर्यटन दिवस के शुभ अवसर पर हमारी ओर से सभी पर्यटकों को ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं एवं अशेष बधाइयां।
27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है हरेक साल,
पर्यटन स्थल आय का बड़ा स्रोत है, कई देश होते हैं मालामाल।
देश विदेश से पर्यटक आते जाते रहते हैं, घूमने फिरने के लिए,
सर्दियों में गर्म इलाके और गर्मियों में लोग घूमते हैं नैनीताल।
27 सितंबर को...........
जिस देश में पर्यटकों को मिलती सुरक्षा और अधिक सुविधा,
वहां आने जाने को लेकर नहीं होती मन में कोई भी दुविधा।
लोग सैर सपाटे और अपनी छुट्टियां बिताने के लिए आते हैं,
प्रकृति प्रेमियों के मन में आता है पर्यटन का सुंदर ख्याल।
27 सितंबर को...........
पर्यटन से मानव जीवन में आता है बहुत ही बड़ा बदलाव,
तन मन से दूर होता है तनाव, सकारात्मक होता स्वभाव।
जिंदगी में एक नई उमंग आ जाती, खुशियां बढ़ जाती हैं ,
मन में जन्म नहीं लेते हैं जल्दी कभी उल्टे सीधे सवाल।
27 सितंबर को..........
इसके लिए लोग बहुधा पर्वतीय क्षेत्रों को पसंद करते हैं,
अवसर मिलने पर, योजना बनाकर घर से निकलते हैं।
पर्यटन मंत्रालय के ऊपर बहुत जिम्मेवारी रहती इसकी,
पर्यटन विभाग करता, सारे पर्यटकों की पूरी देखभाल।
27 सितंबर को............
प्रमाणित किया जाता है कि यह रचना स्वरचित, मौलिक एवं अप्रकाशित है। इसका सर्वाधिकार कवि/कलमकार के पास सुरक्षित है।
सूबेदार कृष्णदेव प्रसाद सिंह,
नासिक (महाराष्ट्र)

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