Thursday, 3 September 2026

प्यार / संजय वर्मा

 प्यार / संजय वर्मा

प्यार  अंजान होता 
यदि हो जाता है तो जानदार होता 
रोजाना  देखे बगैर नींद नहीं आती 
धर्मो में वो ही इमान  होता।
 
प्यार की ताली दोनों हाथो  बजती 
तभी तो प्यार होता 
कभी तकरार कभी इजहार होता  
प्यार का संदेश ही भगवान होता। 
 
प्यार की मंजिले होती  ऊँची 
जिसमे समाजो  की दीवार होती  
 मिलने नहीं देती इस पार - उस पार 
रिश्ते स्पीड ब्रेकर बन जाते। 
 
नहीं पा  सकता  प्यार 
बस यादो की तरह प्यार को याद करता 
इसलिए प्यार अमर  कभी मरता नहीं।
 
हर इंसान प्यार के इन्तहां में पूरक लाता  
यदि पास हो जाता तो प्यार आप के पास होता 
और  आज लग जाते ताजमहलो के अम्बार ।
 
संजय वर्मा"दृष्टि"
125 बलिदानी भगत सिंह मार्ग 
मनावर जिला -धार (म प्र )

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