Friday, 2 October 2026

शांति - संजय वर्मा "दृष्टि "

शांति - संजय वर्मा "दृष्टि "
धमाकों की गूंज से पीड़ित 
शांति के कई दूत (कपोत )
अपने बच्चों को 
छुपा रहे अपने पंखों से।
 
सोच रहे 
शांति के
प्रतीक  के रूप में 
क्यों उड़ाते है  हमें। 
 
हमारा कहना कि 
जब जमी पर अशांति थमे 
    तभी उड़ाना हमें 
लेकिन इंसान हमारी बोली 
भला कहाँ समझ पाता।
 
शांति का पाठ पढाने वालों
आतंक  पहले 
खत्म करना होगा 
यदि ये  हौंसला 
नहीं है तो 
बेवजह मत उडाओं हमें।
 
हम खुद उड़ना जानते 
उड़कर बता देंगे  दुनिया को 
    आतंक के खात्मे  के खिलाफ 
   आवाज उठाने के लिए 
    क्योकि 
हम ही है असली संदेश वाहक 
शांति के। 
 
धरती पर 
आतंक को 
शांति का पाठ पढाने का 
    हम कपोत  
    हौंसला लेकर आए है।
 
संजय वर्मा "दृष्टि "
मनावर जिला -धार (म प्र )

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