सत्य-अहिंसा के महात्मा डॉ. वै. कस्तूरी बाई
महात्मा गांधी भारत की शान,
उनसे ऊँचा भारत का मान।
सत्य बना उनका जीवन-प्राण,
अहिंसा बनी उनकी पहचान।
स्वतंत्रता का देखा था स्वप्न,
त्याग से किया उसे उन्होंने पूर्ण।
सत्याग्रह की लेकर मशाल,
जगा दिया जन-जन में उजियाल।
सत्य की शक्ति जग को बताई,
अहिंसा की राह हमें दिखाई।
अन्याय के आगे शीश न झुकाया,
शांति का संदेश जग में फैलाया।
स्वदेशी का मंत्र जन-जन गाया,
चरखा घर-घर में पहुँचाया।
चरखा केवल सूत न काता,
स्वाभिमान का दीप जलाता।
सेवा को जीवन का धर्म बनाया,
त्याग से भारत को बल पहुँचाया।
सत्याग्रह से संघर्ष किया,
अहिंसा से जन-मन जीत लिया।
महात्मा का जीवन तप की मिसाल,
भारत के माथे का उज्ज्वल भाल।
गांधी का सत्य अमर कहलाया,
गांधी ने जग को सत्य सिखाया।
राष्ट्रपिता का पावन नाम,
भारत का गौरव, भारत की शान।
सत्य रहे तो जीवन धन्य,
अहिंसा से हो जग कल्याण।
शांति खिले हर मानव-द्वार,
सेवा बने प्रेम का आधार।
स्वदेशी से बढ़े देश का मान,
स्वतंत्र रहे अपना हिंदुस्तान।
हे महात्मा! तेरी अमर कहानी,
आज भी लगती सबसे सुहानी।
त्याग, सत्य, सेवा की ज्योति,
रहे सदा भारत की ज्योति।
डॉ. वै. कस्तूरी बाई
बेंगलूरु
कर्नाटक
.jpg)
No comments:
Post a Comment