शांति - संजय वर्मा "दृष्टि "
धमाकों की गूंज से पीड़ितशांति के कई दूत (कपोत )अपने बच्चों कोछुपा रहे अपने पंखों से।सोच रहेशांति केप्रतीक के रूप मेंक्यों उड़ाते है हमें।हमारा कहना किजब जमी पर अशांति थमे
तभी उड़ाना हमें
लेकिन इंसान हमारी बोलीभला कहाँ समझ पाता।शांति का पाठ पढाने वालोंआतंक पहलेखत्म करना होगायदि ये हौंसलानहीं है तोबेवजह मत उडाओं हमें।हम खुद उड़ना जानतेउड़कर बता देंगे दुनिया को
आतंक के खात्मे के खिलाफ
आवाज उठाने के लिए
क्योकि
हम ही है असली संदेश वाहकशांति के।धरती परआतंक कोशांति का पाठ पढाने का
हम कपोत
संजय वर्मा "दृष्टि "मनावर जिला -धार (म प्र )
.jpg)
No comments:
Post a Comment