अंतरराष्ट्रीय हिन्दी साहित्य मंच हमारीवाणी
साप्ताहिक प्रतियोगिता हेतु
विषय.. पर्यावरण/ संरक्षण
महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त जबलपुर
कविता...
पर्यावरण/ संरक्षण - महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त
पर्यावरण को सभी बचालो
पेड़ पौधे कुछ घर में लगा लो ।
शुद्ध हवा इनसे मिलती है ।
पेड़ पौधों को कटने से बचालो ।
मौसम चाहे जो भी हो
छांव पेड़ की मिलती है ।
फलदार पेड़ यदि है तो
फल भी खाने मिलते है ।
सारा सच गर्मी की तपती धूप
से पेड़ की़ छांव मिल जाये।
चलते हुए मुसाफिर को तपती
धूप में थोड़ी राहत मिल जाये।
जीवन में एक ठांव चाहिये
रोटी कपड़ा मकान चाहिये ।
हवा पानी और धूप चाहिये
साफ सुधरा वातावरण चाहिये ।
पर्यावरण तो साफ चाहिये
बेटा, बेटी बच्चे दो चाहिये ।
स्वच्छता और सफाई हो
हर घर में शौचालय चाहिये ।
गांव शहर रहो जहां भी हो
पर्यावरण बस साफ चाहिये ।
किसी का दम न घुटे कही भी
जीवन में सुख चैन चाहिये ।
भाईचारा बना रहे देश में
अमन चैन होना ही चाहिये ।
पर्यावरण संरक्षण मना लो
एक पौधा घर में भी लगा लो ।
सुखमय जीवन जीना है तो
पेड़ पौधों को कटने से बचा लो ।
पर्यावरण जब शुद्ध रहेगा
जीवन अपना सुख मय कर लो ।
पृथ्वी के आंचल में रहकर
हम सबको जीवन मिलता है ।
सारा सच पृथ्वी सबकी माता है
सुख चैन यहां पर मिलता है ।
धरती को हम स्वच्छ रखें
ये फर्ज हमारा बनता है ।
पेड़ पौधे पृथ्वी में लगायें
जीवन सुख मय रहता है ।
किसान का जीवन खेतों में
जो अपनी फसल उगाता है ।
कड़ी मेहनत खेतों में करता
अनाज पैदा भी वो करता है ।
तरह तरह की खनिज सम्पदा
पृथ्वी के अन्दर भरी पड़ी है ।
पावन पवित्र नदियां बहती हैं
जो पृथ्वी की गोद में बहती हैं ।
शहर गांव में रहने वालों को
पानी नदियों से मिलता है ।
मनुष्य पेड़ पौधे जानवरों का
इन नदियों से जीवन चलता है ।
पेड़ पौधों को कभी न कांटों
पर्यावरण सुरक्षित रहता है ।
खाने को फल इनसे मिलते हैं
सबका जीवन सुरक्षित रहता है।
फर्ज सभी को निभाना है
जो अपना दायित्व समझते हैं ।
काम कोई मुश्किल नही है
जो फर्ज निभाना समझते हैं ।
बच्चों को भी माता पिता के
प्रति अपना फर्ज निभाना है ।
माता-पिता की सेवा करना
सारा सच फर्ज निभाना है ।
रीति रिवाज बने पुरखों के
सबको इसे निभाना है ।
घर परिवार के साथ रहकर
पुण्य का कार्य भी करना है ।
देश में जो नियम कानून बने हैं
उनका भी पालन करना है ।
न्याय कानून का पालन करके
पर्यावरण/ संरक्षण फर्ज निभाना है ।
महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त
जबलपुर म प्र

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