कैश से क्लिक तक - डॉ अनुपमा वर्मा "हेमा "
जेब में सिक्के कम हुए,
मोबाइल में धन आ गया,
कैश की जगह अब UPI ने,
लेन-देन का रूप बदल दिया।
न नोट गिनने की झंझट है,
न छुट्टे का अब झगड़ा है,
एक क्लिक में पैसा पहुँचे,
समय का हर पल कीमती है।
दुकानदार हो या ग्राहक,
सबने नई राह अपनाई,
स्क्रीन पर आया हरा निशान,
भुगतान की खबर सुनाई।
कैशलेस भारत की ओर बढ़े,
तकनीक ने कदम बढ़ाए,
पर चार्ज और टैक्स की बातें,
कई सवाल भी साथ में लाए।
छोटे व्यापारी सोच रहे हैं,
बचत कहाँ और लागत कितनी?
ग्राहक पूछे—“सुविधा अच्छी,
पर अतिरिक्त वसूली क्यों इतनी?”
डिजिटल हो कारोबार हमारा,
पर पारदर्शिता भी साथ रहे,
मेहनत की हर कमाई का,
उचित मूल्य और विश्वास रहे।
न कैश बुरा, न UPI बुरा,
दोनों का अपना स्थान रहे,
ईमानदार हो हर लेन-देन,
ग्राहक का सम्मान रहे।
तकनीक बने सुविधा सबकी,
न बोझ बने किसी के लिए,
पैसा घूमे सहज, सुरक्षित,
न्याय मिले हर व्यक्ति के लिए।
कैश से क्लिक तक सफर है,
भारत बदल रहा आज,
डिजिटल युग की इस राह पर,
ईमानदारी ही हो राज।
डॉ अनुपमा वर्मा "हेमा "
Punjab

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