आनलाइन - काव्य शिरोमणि वरिष्ठ कवि
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ऑनलाइन की दुनिया निराली,
दूरियां लगती छोटी सी प्याली ।
घर बैठे संसार से जुड़ जाते,
पल में संदेश कहीं पहुंचाते ।
ज्ञान का सागर सामने आता,
हर प्रश्न का तुरंत मिल जाता।
पढ़ना हो या कुछ भी सिखलाना,
ऑनलाइन ने सरल किया जमाना।
देश - विदेश से खबरें है मिलती,
नई-नई जानकारियाँ से खिलती।
व्यापार हो या हो सुंदर पढ़ाई,
ऑनलाइन ने तुरंत राह दिखाई।
पर इतना भी ध्यान रहे भाई,
आभासी दुनिया सच नहीं भाई।
रिश्तों की गर्माहट मत खोना,
अपनों से संवाद कभी मत रोना।
मोबाइल को मालिक मत बनाना,
समय को यूँ ही व्यर्थ न गँवाना।
तकनीक बने हैं जीवन की साथी,
तभी बनेगी राह सुखद की साथी।
ऑनलाइन से ज्ञान को बढ़ाएं,
पर जीवन में मानवता लाएं।
विज्ञान तभी सुंदर कहलाए,
जब इंसान को इंसान बनाए।
ऑनलाइन जग से जुड़े जरूर,
पर अपनेपन से नहीं हो दूर।
पर उपकार कुशल है मेरे,
कितना समझाऊं औरों को तेरे।
ना जाने संवाद कहां से आ जाए,
हो सकता है,सुखद संवाद आ जाए।
कवी “सुरेश कंठ “ का यही है कहना,
हर समय मोबाइल को पास ही रखना।
जयहिंद
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रचयिता :- काव्य शिरोमणि वरिष्ठ कवि
“सुरेश कंठ “ अररिया बिहार।
मो० 99312 30828
नाम - काव्य शिरोमणि
वरिष्ठ कवि सुरेश कंठ,
बथनाहा,अररिया बिहार

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