Monday, 28 September 2026

युद्ध नहीं बस अब विश्व शांति चाहिए - ज्ञान विभूषण डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव

 युद्ध नहीं बस अब विश्व शांति चाहिए - ज्ञान विभूषण डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव

(अंतर्राष्ट्रीय विश्व शांति दिवस-विशेष)

युद्ध नहीं दुनिया-भारत को,ये विश्व शांति चाहिए।
काफी हो चुका बड़ देशों में,आगे रुकना चाहिए।।

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस पर,सब को शांति चाहिए।
किसी भी कीमत पर देशों,में अशांति ना चाहिए।।

चार छः देशों में अहं आगे,कैसी ये मची तबाही है।
शहरों की सुंदरता बिगड़ी,ये खंडहर ही गवाही है।।

जहाँ भी देखें वहीं मची है,चारों तरफ ये तबाही है।
अहं और दादागिरी से हो,रही यह भारी तबाही है।।

युद्ध नहीं दुनिया-भारत को,ये विश्व शांति चाहिए।
काफी हो चुका बड़ देशों में,आगे रुकना चाहिए।।

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस पर,सब को शांति चाहिए।
किसी भी कीमत पर देशों,में अशांति ना चाहिए।।

जानमाल व्यवसाय गृहस्थी,परिवारों की बर्बादी है।
स्त्री पुरुष बूढ़े बच्चे जवाँ,से खाली ये आबादी है।।

अच्छे खासे मकां इमारत,की रोज होती बर्बादी है।
बस केवल खूनी एक तमाशा,शहनाई न शादी है।।

युद्ध नहीं दुनिया-भारत को,ये विश्व शांति चाहिए।
काफी हो चुका बड़ देशों में,आगे रुकना चाहिए।।

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस पर,सब को शांति चाहिए।
किसी भी कीमत पर देशों,में अशांति ना चाहिए।।

मानवता भी कराह रही है,ऐसा ये अहं है टकराया।
बड़े-बड़े शहरों को इसी,युद्ध ने खंडहर है बनाया।।

चाहे हो ईरान-अमेरिका-इजराइल,खौफ है छाया।
या फिर हो रूस-यूक्रेन,चार वर्षों से थम न पाया।।

युद्ध नहीं दुनिया-भारत को,ये विश्व शांति चाहिए।
काफी हो चुका बड़ देशों में,आगे रुकना चाहिए।।

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस पर,सब को शांति चाहिए।
किसी भी कीमत पर देशों,में अशांति ना चाहिए।।

सेना सैनिक एवं नागरिक,जंग लड़ रहे हैं यूक्रेन में।
रूसी फौजें कहीं ना कहीं,कहर बरपाते यूक्रेन में।।

इजराइल-अमेरिका मिल,लड़ रहा अकेले ईरान में।
कोई नहीं जंग में पीछे है,सभी डटे युद्ध मैदान में।।

युद्ध नहीं दुनिया-भारत को,ये विश्व शांति चाहिए।
काफी हो चुका बड़ देशों में,आगे रुकना चाहिए।।

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस पर,सब को शांति चाहिए।
किसी भी कीमत पर देशों,में अशांति ना चाहिए।।

तोप टैंक मिसाइल चापर,फाइटर प्लेन गिराते बम।
रूस-यूक्रेन दोनों अड़े-खड़े,एक दूजे से न हैं कम।।

न ही अमेरिका-इजराइल,और ना ही ईरान है कम।
एक दूजे पर बरस रहा है,रुक-रुक कर गोला बम।।

युद्ध नहीं दुनिया-भारत को,ये विश्व शांति चाहिए।
काफी हो चुका बड़ देशों में,आगे रुकना चाहिए।।

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस पर,सब को शांति चाहिए।
किसी भी कीमत पर देशों,में अशांति ना चाहिए।।

हर रूसी एक्शन का देता,यूक्रेनी लड़ाकू हैं जवाब।
आज तक टीवी न्यूज़ के,युद्ध कवरेज का जनाब।।

देख रहा या जो देखा था,वही पंक्तिबद्ध सब साब।
कुछ गलत लिखा है यदि,तो करना मुझको माफ।।

युद्ध नहीं दुनिया-भारत को,ये विश्व शांति चाहिए।
काफी हो चुका बड़ देशों में,आगे रुकना चाहिए।।

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस पर,सब को शांति चाहिए।
किसी भी कीमत पर देशों,में अशांति ना चाहिए।।


सर्वाधिकार सुरक्षित ©®

रचयिता :
*ज्ञान विभूषण डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव*
सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रवक्ता-पी.बी.कालेज,प्रतापगढ़,उ.प्र.
(शिक्षक कवि लेखक साहित्यकार समीक्षक समाजसेवी)

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