अंतरराष्ट्रीय हिन्दी साहित्य मंच हमारीवाणी साप्ताहिक प्रतियोगिता हेतु
विषय... पत्रकार - महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त
कविता... पत्रकार
पत्रकार पत्रकारिता करता
सच्ची खबर को सामने लाता ।
सारा सच अन्याय जहां भी होता है
उसके खिलाफ आवाज उठाता ।
सरकार चलाने स्तंभ तीन है
चौथा स्तंभ पत्रकारिता भी है।
मीडिया सरकार का हिस्सा नहीं है
फिर भी पत्रकार की भूमिका है ।
आम जनता को न्याय मिले न
तब मीडिया ही न्याय दिलाती है।
न्यायपालिका हो विधायिका हो
कार्यपालिका की पोल खोलती है ।
सच्चाई पर से जब पर्दा उठता है
दूध का दूध पानी का पानी होता है ।
भ्रष्टाचार हुआ हो चाहे या फिर
जिससे जो भी काम गलत होता है ।
सारा सच सच्चाई , भ्रष्टाचार से पर्दा
उठाने में पत्रकारिता का रोल होता है।
सच्चाई जब सबके सामने आती है
सच और झूठ का भेद खुलता है ।
ऐसे ही काले कार नामों को
मीडिया के माध्यम से खुलते हैं ।
कितना भी ताकतवर हो व्यक्ति
या सत्ता की कुर्सी पर रहते हैं ।
झूठ छुपाकर बच नहीं पाते
सच्चाई को हरा नहीं पाते हैं।
मीडिया ने जब पोल खोल दी
उसको कोई छुपा नहीं पाते हैं ।
प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रानिक मीडिया
अब सोसल मीडिया भी आया है ।
यही मीडिया के ही स्तंभ तीन है
पत्रकारिता से हर कोई घबराया है।
हर गली मोहल्ला गांव शहर देश
में भी मीडिया ने जाल फैलाया है ।
मीडिया के जाल में फसा जो भी है
पत्रकारिता ने न्याय दिलवाया है।
मीडिया की भूमिका से बचा न कोई
सभी जगह में जाल फैला रहता है ।
पेपर , टी वी या सोसल मीडिया हो
इनसे ब्रेकिंग न्यूज मिलता रहता है ।
आरक्षण एस सी एस टी एक्ट
यूजीसी कानून यूजीसी शुरू हुआ है।
तभी से सवर्णों की नाराज़गी है
और आन्दोलन भी शुरू हुआ है ।
सोशल मीडिया के पत्रकारों की
पूरे देश में ही खबर चल रही है ।
दिल्ली के जंतर मंतर की खबरें
फेसबुक वाट्सएप में चल रही हैं।
सरकार और सुप्रीम कोर्ट तक
सोशल मीडिया की खबरें पहुंची है ।
थानों में जो एफ आई आर हो रही है
सोशल मीडिया से पुष्टि हो रही है ।
सारा सच न्यूज़ चैनलों पर रोक लगी है
आन्दोलन की खबर नहीं दिखाते ।
सरकार से सभी भयभीत हैं और
सभी चुप्पी साधे ही रहते हैं। ।
आरक्षण एस सी एस टी एक्ट
यूजीसी कानून नहीं हटता है ।
तो अगले चुनाव में जनता ही
सारा सच सत्ता से इनको हटा देगी ।
महाकवि डा अनन्तराम चौबे अनन्त
जबलपुर म प्र

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